मंगलवार 12 मई 2026 - 16:39
शहीद सुप्रीम लीडर (र) के नहजुल बलाग़ा से संबंधित बयानात पर एक नज़र

किताब "गंजीना-ए-बी-पायान" अर्थात अनन्त खजाना हज़रत आयतुल्लाह शहीद ख़ामेनई (र) के छह भाषणों का एक संग्रह है, जो नहजुल बलाग़ा के स्थान, महत्त्व और विशेषताओं के बारे में है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, किताब "गंजीना-ए-बी-पायान" अर्थात अनन्त खजाना हज़रत आयतुल्लाह शहीद ख़ामेनई (र) के छह भाषणों का एक संग्रह है, जो नहजुल बलाग़ा के स्थान, महत्त्व और विशेषताओं के बारे में है। इसे "इंतिशारात-ए-इंक़िलाब-ए-इस्लामी" ने प्रकाशित किया है। इस वैज्ञानिक कृति में इस्लाम की संस्कृति और इतिहास में इस मूल्यवान पुस्तक के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने का प्रयास किया गया है।

हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शहीद ख़ामेनई (र) जवानी से ही पवित्र पुस्तक नहजुल बलाग़ा से जुड़े रहे हैं और विगत दिनों में विभिन्न महफिलों, विशेष रूप से युवा छात्रों और स्टूडेंट्स की मौजूदगी में इसके खुत्बात, खुतूत और हिकमत की व्याख्या किया करते थे।

उन्होंने हमेशा इस पवित्र पुस्तक से जुड़ाव और इसकी शिक्षाओ को समाज में गहरा और व्यापक करने के महत्व पर जोर दिया है। यहाँ तक कि नहजुल बलाग़ा की व्याख्या के सत्रों के दौरान उन्होंने इस मूल्यवान रत्न को इस्लामी क्रांति के आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) के रूप में परिचित कराया है।

इस पुस्तक में, इस्लामी संस्कृति और इस्लाम के इतिहास में इसकी भूमिका और महत्त्व की समीक्षा की गई है और इसकी अवधारणाओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

किताब "गंजीना-ए-बी-पायान" की एक विशिष्ट विशेषता इसका ऐतिहासिक दृष्टिकोण का सामाजिक विश्लेषणों के साथ मिलान है। लेखक ने इमाम अली (अ) के शासन से संबंधित खुत्बात का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि किस प्रकार ये अवधारणाएँ वर्तमान राजनीतिक प्रणालियों के लिए एक नमूना हो सकती हैं।

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